जो तुमसे जुदा होकर हर पल मेरे साथ रहता है।
वो लम्हा भी अजीब होता है जब कोई अपना, अपना नहीं रहता और उसकी यादें दिल से जाती नहीं।
दिनों में कभी वो यादें हमारी हो पाई क्या।
तुमसे दिल की बात कहने की ख्वाहिश अब दिल में रह गई,
तेरी यादों से गुज़रने का हौसला रखता हूँ, हर रोज़ जलता हूँ, हर रोज़ बुझता हूँ।
तूने मुझे किसी और की ख्वाहिशों में ढाला।
ਮੋਹ ਮਾਇਆ ਵੱਲ ਨਹੀਂ ਰੱਬਾ ਤੂੰ ਆਪਣੇ ਵੱਲ ਖਿੱਚ
अब हर रोज़ यही सोचते हैं कि काश तुम्हें रोक सकते…!!!
पर अब सोचते हैं, क्या हमने सही किया क्या।
रात भर जागता हूं तेरी यादों में, कभी तू भी सो ना पाए, ऐसी कोई दुआ करूं?
लेकिन अब तो जीने का तरीका भी तुझसे दूर हो गया।
अब ये दुनिया भी तेरे बिना वीरान लगती है।
मोहब्बत में हार कर भी तुझे याद करता हूँ,
तेरे जाने के बाद, ये दुनिया और भी स्याह Sad Shayari सी लगने लगी,